पाठकों से निवेदन

इस ब्लोग पर तंत्र, मंत्र, ज्योतिष, वास्तु व अध्यातम के क्षेत्र की जानकारी निस्वार्थ भाव से मानव मात्र के कल्याण के उद्देश्य से दी जाती है तथा मैं कोई भी फीस या चन्दा स्वीकार नहीं करता हुं तथा न हीं दक्षिणा लेकर अनुष्ठान आदि करता हुं ब्लोग पर बताये सभी उपाय आप स्वंय करेगें तो ही लाभ होगा या आपका कोई निकट संबधी निस्वार्थ भाव से आपके लिये करे तो लाभ होगा।
साईं बाबा तथा रामकृष्ण परमहंस मेरे आदर्श है तथा ब्लोग लेखक सबका मालिक एक है के सिद्धान्त में दृढ़ विश्वास रखकर सभी धर्मों व सभी देवी देवताओं को मानता है।इसलिये इस ब्लोग पर सभी धर्मो में बताये गये उपाय दिये जाते हैं आप भी किसी भी देवी देवता को मानते हो उपाय जिस देवी देवता का बताया जावे उसको इसी भाव से करें कि जैसे पखां,बल्ब,फ्रिज अलग अलग कार्य करते हैं परन्तु सभी चलते बिजली की शक्ति से हैं इसी प्रकार इश्वर की शक्ति से संचालित किसी भी देवी देवता की भक्ति करना उसी शाश्वत निराकार उर्जा की भक्ति ही है।आपकी राय,सुझाव व प्रश्न सीधे mckaushik00@yahoo.co.in (read 00 as zero zero) पर मेल कीये जा सकते है।

Saturday, June 28, 2014

कब्ज निवारण हेतु इसबगोल का प्रभावशाली तरीके से उपयोग कैसे करें। How to use psyllium husk for management of chronic idiopathic constipation

इसबगोल का छिलका विश्व की सर्वश्रेष्ठ हानिरहित कब्ज निवारक दवा है परन्तु मेरे बहुत से मित्र अनावश्यक रूप से सनाय की दवाईयां या मैग्नीशियम युक्त एैलोपेथिक दवाईयां खा खाकर या तो बवासीर से परेशान रहते हैं या अपनी आांते खराब कर लेते हैं। 
 जब मैं उन्हे इसबगोल का छिलका लेने की सलाह देता हुं तो वो कहते हैं कि इससे उन्हे कोई फायदा नहीं है उन्हे तो तेज सनाय वाली दवा खाने या एैलोपेथिक मिल्क ओफ मैग्नेशिया पीने पर ही पेट साफ होता है। चलिये आज आपको कब्ज निवारण की हानिरहित विधि बताते हैं इससे बवासीर व कब्ज के रोगियों को अपार लाभ होगा।
इसी ब्लोग पर मैने बवासीर का मन्त्र भी बताया हुआ है जिनको बवासीर की ज्यादा प्रोब्लम है वो ये मन्त्र भी करें। यदि आपको इसबगोल लेने से ज्यादा कब्ज हो जाती है या इसबगोल का छिलका आपको लगता है कि आपके कोई फायदा ही नहीं कर रहा तो इसमें आपका ही दोष है क्यों कि आप उसे लेने की सही विधि नहीं जानते हैं जबकि भारत से करोड़ो रूपयों का ये छिलका विदेशों को निर्यात होता है तथा अग्रेंज बेवकुुफ नहीं है कि वो भारत का ये छिलका करोड़ों रूपयों में मंगवाकर खा रहें हैं। 
दरअसल इसबगोल की सही खुराक रात्रि के भोजन के बाद दो पुरे चाय के चम्मच दो गिलास पानी के साथ है। जो दो चम्म्च इसबगोल का छिलका भोजन के बाद पुरे दो गिलास पानी के साथ लेता है उसको तो वो फायदा करता है बाकी में ज्यादा कब्ज करता है। 
आपसे यदि 2 गिलास ( लगभग 500 मिली ) पानी एक साथ नहीं पिया जाता तो कोई बात नहीं पहले एक चम्मच एक गिलास पानी के साथ लेवें उसके 1 घंटे बाद दुसरा चम्मच दुसरे गिलास पानी के साथ लेवें इसके साथ ही आप दुसरी कोई तेज कब्जनिवारक दवा लेते हों तो वो भी आधी मात्रा में पहले दो तीन तक लेवें बाद के दो दिन चौथाई मात्रा में लेवें। 
लगातार पांच दिन तक दो दो चम्मच इसबगोल दो दो गिलास पानी के साथ लिया जाने पर वो अपना असली प्रभाव दिखाने लगता है उसके बाद आपको लगता है कि आपके कभी कब्ज थी ही नहीं ।
उक्त उपाय आजमाने से पहले कृपया अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक या डोक्टर से सलाह अवश्य करें क्यों कि लेखक डॉक्टर नहीं है तथा आपको अन्य कोई बीमारी आंतों में रूकावट सूजन आदि हो तो इस उपाय का प्रयोग डॉक्टर से पुछकर ही करें। 
उपाय के परिणाम से 5 दिन उपयोग करने के बाद ( कृपया 1 दिन में ही निष्कर्ष नही निकाले 5 दिन लगातार उपयोग के बाद ही प्रभावी परिणाम दिखता है) कमेंटस में अवश्य अवगत करावें ताकि अन्य पाठकों का विश्वास बने।लाईक ओर शेयर तो आप करेंगें ही उसके लिये कहने की जरूरत ही नहीं है।
psyllium husk for management of chronic idiopathic constipation

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